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भाभी की चुदाई का खेल – भाग २

हेलो दोस्तों | आज मैं अपनी कहानी का दूसरा भाग बताने जा रहा हूँ | तो सुनिए फिर क्या हुआ | कुछ दिनों के बाद भैया आ गए | मुझे डर था कि कही भाभी मेरी शिकायत भैया से न कर दें | लेकिन ऐसा कुछ भी नही हुआ | भाभी ने उसके बारे में भैया को कुछ भी नही बताया | अब मैं भाभी  के सामने न जाने की कोशिश करने लगा था | कुछ दिनों बड भैया फिर कही चले गए | Bhabi ki chudai

मैंने सोचा की क्यों न एक बार भाभी जी से माफ़ी मांग लूं |Bhabi ki chudai

मैं उनके कमरे में गया उनसे माफ़ी मागने लगा तो उन्होंने कहा की अगर तुम चाहते हो किमै ये सब किसी को न बताऊँ तो जो मै कहूँगी तुम्हे करना पड़ेगा | मै डरा हुआ था | कैसे भी अपनी नौकरी बचानी थी | मैंने हाँ में सर हिला दिया | फिर वो बोली तो ठीक है उस दिन का अधूरा काम पूरा करो |   भाभी की आँखों में उस वक्त जो चमक थी | वैसी चमक मैंने पहले कभी नहीं देखी थी | मैं वही पर डर के चुपचाप खड़ा था | भाभी मेरे पास आ गई और उसने बिना कुछ कहे ही मेरे होंठो के ऊपर एक किस दे दी | मुझे बहुत ही अजीब लगा ये | मैंने कुछ भी नही किया बस खड़ा रहा |

लेकिन भाभी हंस रही थी मेरी आँखों में आंखे डाल के देख के | और फिर वो बोली मैं हमेशा ही तुम्हारे साथ चुदाई करवाना चाहती थी क्यूंकि तुम्हारे भाई मुझे खुश नहीं कर पाते हैं | वो तो बस हमेशा काम के लिए भागते रहते हैं | और मैं एकदम गर्म रहती हूँ | मैं तुम्हारे लिए उस दिन से पागल हुई जा रही हूँ जिस दिन तुमने मुझेकिस किया था | मुझे बाद में बहुत पछतावा हुआ | चलो अब सुन क्या रहे हो शुरू हो जाओ | और आज खूब जम के चोदो मुझे मेर्रे चूत की गर्मी को आज शांत कर दो |

मेरे पास अब कुछ कहने को नहीं रहा था | Bhabi ki chudai

मैं आगे बढ़ा और हम किस करने लगे | वो बड़ी मस्त थी लिप्स को लिप्स से लगाने में | हमारी जीभ एक दुसरे से मिल गई और साँसों के साथ साँसे टकरा गई | मेरे हाथ पीछे उसकी गांड पर चले गए और वो मेरी कमर को पकड़ के खड़ी हुई थी |

मैंने उसकी गांड की फांक को दबाया और जैसे बिच में से गांड को दो बराबर हिस्सों में बाँट सा दिया | पहली बार गांड पे हाथ लगाया था | हम ऐसे ही एक दुसरे को किस करते हुए कुछ मिनटों तक खड़े रहे | और फिर भाभी ने मेरी अंडरवेर के ऊपर हाथ डाल के मेरे लंड को अपने कब्जे में ले लिया और उसे दबाने लगी | वो मेरे आँखों में देखते हुए ही अपने घुटनों के ऊपर जा बैठी | और अपनी उँगलियों को उसने लंड के चारो तरफ रखा हुआ था | मैं तो खुसी के मारे फूला नही समां रहा था |की अब चूत भी मिल जाएगी | और नौकरी का भी कोई पंगा नही | भाभी ने मुझे बिस्तर पर धक्का देकर बैठा दिया | और उसने मेरी अंडरवेर को निकाल फेंका | वो खड़े हो के अपने कपडे भी निकाल के मेरे साथ बिस्तर में लेट गई | हमारे चे  हरे एक दुसरे के सामने थे | मैंने उसकी गांड पर हाथ रख के उसे अपनी तरफ खींचा | वो भी मेरे लंड को हाथ में पकड़ के पम्प करने लगी थी |

Padosi ne choda

और फिर भाभी ने अपने मुहं में लंड को ले लिया और उसे चूसने लगी | वो मेरे लंड को अपने मुहं में चला रही थी | मुझे बहुत मज़ा आ रहा था | मै तो बस स्वर्ग के नज़ारे ले रहा था | और फिर उसने मेरी टांगो को पूरा खोल के पुरे लंड को मुहं में ले लिया | उसकी जबान मेरे लंड को और बॉल्स को हिला रही थी | वो अपने एक हाथ से अपनी चूत की फांको को और दाने को हिला रही थी |

5मिनट तक वो मजे से लंड को चूस रही थी और मेरे लिए अब बहुत हो रहा था | मेरे लंड में और बॉल्स के अन्दर एकदम से खिंचाव आ गया | मेरी कमर में भी मोड़ आ गया था जैसे मैंने भाभी के माथे को पकड़ के अपनी तरफ खिंचा और भाभी भी समझ गया की मेरी हालत वीर्य निकालने वाली हो गई थी| वो भी अपनी चूत को जोर जोर से ऊँगली से हिलाने लगी थी | और मोअन कर रही थी | आह्ह्हह्ह .. आह्ह्हह्ह…. | फिर मेरे बॉल्स के अन्दर एकदम से प्रेशर बना और मेरे लंड से निकल पड़ी वीर्य की एक लम्बी सी पिचकारी | भाभी के मुहं, छाती और पेट का भाग मेरे गाढे वीर्य की वजह से गन्दा हो गया था | वो मेरे लंड को तब तक चुस्ती गई जब तक उसका सब वीर्य नहीं निकल गया | आखरी बूंद को भी उसने चाट के साफ़ कर दी |

फिर वो मेरी गोदी में आ के बैठ गई और अपने बदन को मेरे ऊपर घिसने लगी | Bhabi ki chudai

फिर मैंने उसको पकड के उसके होंठो को चूम लिया | और जोर से उनके बूबे दबाने लगा | फिर भाभी आगे खिसक के बिस्तर की किनारे पर आ गई. और मैं उसकी दो टांगो के बीच में बैठ सकूँ उतनी जगह बनाई भाभी एकदम गीली हो चुकी थी | भाभी ने अपनी चूत में एक ऊँगली डाल के निकाली | मैंने धीरे से भाभी की चूत को किस की और वो जैसे सातवें आसमान के ऊपर उड़ रही थी और साथ में एकदम जोर जोर से मोअन भी कर रही थी | मैंने अपनी जबान को भाभी की चूत में अन्दर तक डाली और उन्हें अपनी जीभ से चोदे लगा | भाभी के मुहं से निकलती हुई सिसकियाँ और भी तेज हो गई | आह्ह्हह्ह्ह्ह…. उफ्फ्फह्ह्ह… | और उसने मुझे कान में कहा, रमेश अब डाल दो अपने लंड को मेरे अंदर अब मेरे से नहीं रहा जा रहा है | मैंने खड़ा हुआ | मेरा लंड एकदम तपा हुआ था | मैंने भी देर न करते हुवे चूत पे अपना लंड रखा और एक ही झटके में लंड को उनकी चूत में पार कर दिया | फिर जम के चोदे लगा | वो भी गांड उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थी | फिर मने उन्हें घोड़ी बनाने को कहा | उन्होंने मना कर दिया | फिर मै बोला जल्दी से मुड़ | गांड में और भ मज़ा आयेगा तुझे | वो बोली मैंने आज तक कभी भ गांड नही मरवाई है | बहुत दर्द होगा |

फिर मैंने बहुत जिद किया तो मन गई | Bhabi ki chudai

मैंने उन्हें उल्टा लिटा दिया और अपने लंड पे थोडा थूक लगाया और उनकी गांड की छेद में डालने लगा | जैसे ही मेरा लंड उनकी गांड में घुसा | वो चिल्ला पड़ी | मुझे धक्का दिया पर मैंने कस के उन्हें पकड़ा हुआ था | इसीलिए वो छुड़ा नही पाई | मैं थोड़ी देर तक ऐसे ही पड़ा रहा फिर धीरे धीरे झटके देना शुरू कर दिए | अब रीता भाभी को भी मज़ा आने लगा था | वो चिल्ला रही थी | आःह्ह्ह आह्ह …. चोद मुझे | आज फाड़ दे मेरी गांड | अब वो गांड हिला हिला कर मेरा साथ दे रही थी | और जम के मज़े लूट रही थी | करीब 15 मिनट तक मैंने उनकी गांड मारी | फिर मै झड गया | और थक कर लेट गया | भाभी जी ने मेरा लंड अपने मुह में ले कर फिर से खड़ा कर दिया | उनकी गर्मी अभी शांत नही हुई थी | मेरा लंड एक बार फिर उनकी चूत में गोते खा रहा था | मैंने पूरी रात उन्हें लगभग 6 बार चोदा | पूरी रात हम चुदाई करते रहे | सुबह फिर मैं भाभी जी को एक बार और चोदा | फिर दोनों ने साथ में नहाया | आज भाभी जी बहुत खुश दिख रही थी क्योकि उन्हें जिस चीज की इतने दिन से इंतजार था वो उन्हें कल रात को मिल चुका था |

ऐसे अब हम अक्सर चुदाई करने लगे | Bhabi ki chudai

जब भी भैया घर पर नही होते | मैं भाभी जी को जम के चोदता था | अब भाभी ने मेरी तनख्वाह भी बढ़ा दी थी |  करीब एक साल तक ये सिल सिला चलता रहा | उसके बाद मेरी शादी हो गई मैंने वो नौकरी छोड दी | अब मैं अपनी बीवी को वैसे ही चोदता हूँ | जैसे भाभी जी को चोदा था | लेकिन आज भी भाभी जी के साथ की गई चुदाई का मज़ा कुछ और ही था |

First published on – https://hindipornstories.org/bhabi-ki-chudai-ka-khel-2/

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