Menu Close

गांव की पटाखा भाभी के साथ सेक्स

Hindi sex stories, antarvasna मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूं मेरे पिताजी चाहते हैं कि मैं उनके साथ उनके कारोबार को संभालू मेरे पिताजी का ज्वेलरी का बिजनेस है और वह चाहते हैं कि मैं उनका बिज़नेस आगे बढ़ाऊँ। मैंने अपने पिताजी को कभी भी मना नहीं किया लेकिन मुझे लगता है कि शायद अभी मैं उनके बिजनेस को संभाल नहीं सकता क्योंकि मैं चाहता हूं कि मैं अपने जीवन को पहले अच्छे से जी लूं उसके बाद तो ना जाने कभी मुझे समय मिल भी पाएगा या नहीं। मैं अपने पापा को हमेशा देखता हूं तो वह बहुत बिजी रहते हैं वह अपने लिए समय भी नहीं निकाल पाते। मुझे कई बार लगता है कि उन्होंने अपने जीवन में बहुत ज्यादा मेहनत की है लेकिन उसके बावजूद भी उन्होंने शायद अपने लिए समय नहीं निकाला जो उन्हें निकालना चाहिए था।

मुझे मेरे दोस्त अक्षय का फोन आया वह कहने लगा यार मैं घूमने का प्लान बना रहा था तो क्या तुम मेरे साथ चलोगे। मैंने उसे कहा लेकिन तुम घूमने का प्लान कहां बना रहे हो वह कहने लगा मैं सोच रहा था कि हम लोग बुलेट से जयपुर जाए और जयपुर जाते वक्त बीच में ही मेरा गांव पड़ता है तो हमें रुकने की भी कोई दिक्कत नहीं होगी। मैंने अक्षय से कहा ठीक है लेकिन हम लोगों को जाना कब है वह कहने लगा हम अगले हफ्ते तक निकलते हैं और जल्दी वापस लौट आएंगे। मैंने उसे कहा लेकिन हम लोग जल्दी वापस आ जाएंगे ना, वह मुझे कहने लगा हम लोग जल्दी वापस लौट आएंगे तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो। हम लोग वहां से जाने की पूरी तैयारी करने लगे मैं और अक्षय मिले थे तो  हम दोनों ने पूरी प्लानिंग बना ली कि हम लोग कौन से रूट से जाने वाले हैं और कितने दिनों तक हम लोग वहां रुकने वाले हैं। अक्षय ने मुझे कहा कि हम लोग जाते वक्त मेरे गांव में रुकेंगे और आते वक्त भी उस रास्ते से वापस लौट आएंगे मैंने कहा ठीक है चलो इस बहाने तुम्हारे गांव को भी देख लेंगे। अक्षय और मैं बचपन के दोस्त हैं हम दोनों की दोस्ती बहुत गहरी है अक्षय का परिवार मेरे पूरे परिवार को अच्छे से जानता है अक्षय के पिताजी वकील है।

एक बार मेरे पिताजी की दुकान को लेकर भी कोई दिक्कत हुई थी तो अक्षय के पिताजी ने हीं उसमें मेरे पिताजी की बहुत मदद की थी इस वजह से उसके परिवार और मेरे बीच में काफी घनिष्ठता है। अब हम दोनों ने घूमने का प्लान बना लिया था और हम लोग सुबह ही निकल पड़े सुबह का मौसम बड़ा सुहाना था उस वक्त अहमदाबाद में काफी गर्मी हो रही थी लेकिन सुबह का मौसम बहुत बढ़िया था। हम लोग सुबह के वक्त यहां से जयपुर के लिए निकल पड़े हम लोग अक्षय की बुलेट से ही जयपुर के लिए निकले थे। हम दोनों बात कर रहे थे और रास्ते का मालूम ही नहीं पड़ा कि कब रास्ता निकलता जा रहा है हम लोग सुबह 6:00 बजे घर से निकले थे हम लोगों को चलते हुए करीब 4 घंटे हो चुके थे। मैंने अक्षय से कहा यार बहुत तेज भूख लग रही है कहीं पर कुछ खा लेते हैं अक्षय कहने लगा ठीक है मैं कहीं अच्छी सी जगह देख कर वहां पर बुलेट लगा देता हूं वहां पर हम लोग कुछ खा लेंगे। कुछ दूर चलने के बाद एक ढाबा दिखाई दिया जब वह डाबा दिखाई दिया तो उस वक्त मैंने अक्षय से कहा यहीं पर रोक लो अक्षय ने बाइक को ढाबे के बाहर पर लगा दिया और हम दोनों वहां बैठ गए। हम लोगों ने नाश्ते का ऑर्डर किया और हम लोग नाश्ते का इंतजार करने लगे हम दोनों आपस में बात कर रहे थे तभी अक्षय ने मुझे बताया कि उसके मामा जी के लड़के ने कुछ दिनों पहले अपने स्कूल में टॉप किया है। मैने अक्षय से कहा तुम्हारे मामा जी का लड़का तो पढ़ने में बहुत अच्छा है वह बहुत मेहनती भी है क्योंकि मैं भी उससे एक दो बार मिला हुआ था इसलिए मैं उसे अच्छे से जानता हूं। हम दोनों बात कर रहे थे तब तक नाश्ता भी आ चुका था हम दोनों ने नाश्ता किया हम लोग वहां पर करीब एक घंटे तक रुके। एक घंटे तक रुकने के बाद हम लोगों के अंदर दोबारा से वही एनर्जी आ चुकी थी और हम लोग वहां से निकल पड़े क्योंकि अक्षय भी काफी थक चुका था तो मैंने उससे कहा अब यहां से आगे मैं बुलेट चलाता हूं।

उसके आगे मैं हीं बुलेट चलाने लगा धीरे धीरे सफर कटता जा रहा था और रास्ते में कोई भी परेशानी नहीं हुई परन्तु एक जगह बुलेट में कुछ दिक्कत आ गई थी तो हम लोगों को वहां पर मैकेनिक भी मिल चुका था और उसने वह दिक्कत भी दूर कर दी। हम लोग जब अक्षय के गांव में पहुंचे तो अक्षय मुझे कहने लगा यहां पर हम लोग दो दिन रुकेंगे दो दिन तक हमारा गांव में रुकने का प्लान था क्योंकि अक्षय का जुड़ाओ गांव से बहुत ज्यादा है। मैं अपने गांव कभी नहीं गया मैं बचपन से अहमदाबाद में रहा हूं गांव मैं कभी गया ही नहीं। अक्षय के गांव में उसके चाचा चाची जी अभी भी रहते हैं और हम लोग उनके साथ रुकने वाले थे। अक्षय के चाचा जी गांव में खेती का काम संभालते हैं और उनके बच्चे उन्ही के साथ काम करते हैं मुझे बहुत अच्छा लगा जब अक्षय के गांव में मैं रुका उन लोगों ने हमारी बड़ी खातिरदारी की। अक्षय को वह लोग बहुत प्यार करते हैं अक्षय ने मुझे बताया कि कैसे बचपन में जब वह गांव में आता था तो चाचा चाची उसका ख्याल रखते थे। गांव में मुझे अक्षय ने और भी लोगों से मिलवाया उसके चाचा जी के घर के बगल में ही एक भैया रहते हैं उनका नाम माधव है वह भी बहुत अच्छे हैं उनके परिवार में उनकी पत्नी और उनके दो छोटे बच्चे हैं। उनका भी गुजारा गांव में खेती कर के ही चलता है माधव भैया बहुत ही अच्छे हैं और उनके साथ में समय बिताना हमे बहुत अच्छा लगा।

हम लोग गांव में दो दिन तक रुके और उसके बाद हम लोग वहां से जयपुर चले गए जयपुर पहुंचकर हम लोगों ने आराम किया और जयपुर में हम लोगों के लिए शाम बिताना बड़ा ही मजेदार रहा। हम लोगों ने वहां पर बहुत एंजॉय किया और जमकर मस्ती की सब कुछ बहुत ही अच्छे से रहा जयपुर में अक्षय के कोई रिस्तेदार भी रहते हैं उन से भी हम लोग वहां मिले थे। जब उनसे हमारी मुलाकात हुई तो उन्होंने हमें बताया की उनकी शादी कुछ महीनों बाद है तो वह कहने लगे कि तुम लोगों को मेरी शादी में जरूर आना है। अक्षय ने कहा कि भैया हम लोग आपकी शादी में जरूर आएंगे उसके बाद हम लोग वहां से गांव लौटने के लिए निकल पड़े। जब हम लोग वहां से गांव के लिए निकले तो हमने देखा कि रास्ते टायर में हवा कम है मैंने अक्षय से कहा मुझे लग रहा है कि हवा काफी कम है तो हवा भरवादी जाए। जब हम लोग हवा भरवाने के लिए गए तो वहां मालूम पड़ा कि टायर पंचर हुआ है तो हम लोगों ने टायर का पंचर लगवाया। वहां पर करीब हम लोगों को आधे घंटे तक रुकना पड़ा और आधे घंटे बाद हम लोग वहां से निकल पड़े रास्ते में ही हम लोगों ने कुछ खा लिया था। उसके बाद हम लोग जब अक्षय के गांव पहुंचे तो उस वक्त रात काफी हो चुकी थी उसके चाचा चाची ने हमारे लिए खाना बना दिया था और हम लोग रात का खाना खाने के बाद अपने कमरे में आराम करने के लिए चले गए। अगले दिन सुबह हम लोग उठे तो हम लोग नाश्ता करने लगे उसके बाद माधव भैया जब मिले तो वह पूछता है तुम्हारा जयपुर का सफर कैसा रहा। हम लोगों ने कहा हमारा जयपुर का सफर बड़ा शानदार रहा तभी उनकी पत्नी भी आ गई वह बड़ी प्यासी नजरों से मुझे देख रही थी। वह जब मुझे देखती तो मैं समझ चुका था कि उनके दिल में कुछ तो चल रहा है उस रात आखिरकार मुझे मौका मिल गया।

मैंने जब उनको अपनी बाहों में लिया तो उनके बड़े स्तन बाहर आने के लिए बेताब थी, वह पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी। मैंने उनकी साड़ी को उठाया और उनके योनि के अंदर उंगली डाल दी मैंने अपनी उंगली को उनकी चूत के अंदर डाला तो वह पूरी तरीके से उत्तेजना मे आने लगी। मैंने उनके ब्लाउज के बटन को खोलते हुए उनके स्तनों को बाहर निकाल लिया और उन्हें बड़े अच्छे से चूसने लगा मुझे बड़ा मजा आ रहा था जिस प्रकार से मै उनके स्तनों का रसपान कर रहा था। हम दोनों के बदन से गर्मी बाहर निकलने लगी वह भी अपने आप पर बिल्कुल काबू ना कर सकी उन्होंने मुझे कहा आपकी चूत में अपने लंड को डाल दूं, मैंने उन्हें घोडी बनाया और उनकी चूत पर अपने लंड को रागडना शुरू किया तो वह मचलने लगी उनकी योनि से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा वह पूरी तरीके से जोश में आ गई। मैंने जैसे ही अपने लंड को उनकी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो वह मचलने लगी और मुझे कहने लगी मुझे बड़ा मजा आ रहा है तुम ऐसे ही मुझे धक्के देते रहो।

मैं उनको धक्के मारता तो उनके मुंह से मादक आवज निकलती और वह मेरा पूरा साथ देती। मुझे उनको धक्के मारने में काफी मजा आ रहा था वह आपनी चूतडो को मुझसे मिलाए जा रही थी। उन्होंने मुझे कहा तुम्हारा लंड बहुत ज्यादा मोटा है तुम्हारे अंदर बात है तुमने इससे पहले भी क्या किसी के साथ सेक्स किया है। मैंने उन्हें कहा हां मैंने बहुत लड़कियों के साथ सेक्स किया है लेकिन आपकी चूत के मुकाबले उनकी चूत में दम नहीं था आपके अंदर बड़ी गर्मी है। वह इस बात से खुश हो गई और अपने चूतडो को मुझसे मिलाने लगी काफी देर तक ऐसा ही चलता रहा जैसे ही उनके अंदर की गर्मी बाहर आने लगी तो वह मुझसे कहने लगी अब में झड़ चुकी हूं मेरे बस की बात नहीं है। मैं उन्हें बड़ी तेज गति से धक्के मारता रहा और उनकी इच्छाओं को मैंने बड़े ही अच्छे से पूरा किया जिससे कि वह खुश हो गई थी। वह मुझे कहने लगी मुझे बड़ा मजा आ रहा है मैंने काफी देर तक उनकी चूत से पानी बाहर निकाल कर रख दिया था उनकी इच्छा को पूरी तरीके से शांत कर दिया। हम लोग अहमदाबाद लौट चुके हैं लेकिन भाभी की यादें अब भी मेरे दिल में है।

First published on – https://hindipornstories.org/%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%B8/

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *