सेक्सी पड़ोसन और उनकी ननद की मजेदार चुदाई

Padosi chut chudai ki kahani, मेरे प्यारे दोस्तो, मैं दिल्ली से 19 वर्ष का एक नई भरपूर जवानी में डंडोल झूमता हुआ मस्त लौंडा आपके सामने हाजिर हूँ. इस साइट की सेक्स स्टोरीज का एक नियमित पाठक हूँ। और मुझे हिंदी में देसी चुदाई की कहानी पढ़ना बहुत पसंद हैं.

यह घटना मेरे पड़ोस में रहने वाली एक आंटी और मेरे बीच की चुदाई की है. शुरूआत मैं मुझे उनको देखना भी पसंद नहीं था, पर जब से लंड ने अंगड़ाई लेना शुरू की, लड़कियों भाभियों और आंटियों के उठे हुए मम्मे और गांड ने मुझे आकर्षित करना शुरू कर दिया. तभी से मुझे आंटी कयामत दिखने लगीं, उनका मदमस्त फिगर मेरी समझ में आने लगा. शीतल चुदाई की मस्त वाली देसी कहानी

आंटी का लड़का मेरे छोटे भाई का दोस्त था, जिसको पढ़ाने के लिए आंटी ने मुझसे कहा और इसी के चलते मेरा उनके घर आना जाना शुरू हो गया.
धीरे धीरे आंटी और मैं आपस में खुलते चले गए. वयस्कों जैसे हंसी मजाक होने लगा और अंगों को छेड़ने की मस्ती भी शुरू हो गई.

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कभी कभी मैं आंटी के पीछे भी हाथ रख देता था. उनके सामने अपना लंड खुजा लेता था. धीरे धीरे सेक्स की बात भी होनी शुरू हो गई. मैं मौका देख कर उनके मम्मों में हाथ डाल देता था या फिर कभी गांड पर हाथ फेर देता था.

फिर एक मौका ऐसा आया, जब मैंने आंटी को झूठ बोल दिया कि मेरी 4 गर्ल फ्रेंड्स हैं जो कि मेरे साथ सेक्स करती हैं.
वो मेरी बात को सच मान गईं.
फिर मुझको पता चला कि उनकी शादी के इतने साल हो गए हैं और उनके पति उनके साथ कभी कभार ही सम्भोग किया है. पिछले काफी समय से तो उन्होंने चुदाई की ही नहीं!
मैं बोला- ये तो बड़ा गम्भीर मामला है आंटी.
उन्होंने बोला- हाँ मैं तो सारी कोशिश करती थी, उनका लंड जब घुसता था.. तो अच्छा लगता था मगर क्या करूँ वो अब चुदाई का मजा ही नहीं लेना चाहते हैं. गांव के खेत मे चोदा चोदी gav ke hi khet me

मैंने उनको लंड और चुदाई की बात बोलते सुना तो मैं समझ गया कि आंटी की चुत चुदाई के लिए फड़क रही है.

  • मैं आंटी से बोला- मैं आपकी बिस्तर में कुछ हेल्प करूँ?
  • वो हंस पड़ीं और मेरी बात को टाल गई.

फिर मुझे पता लगा कि आंटी का कोई बॉयफ्रेंड है, उससे आंटी फोन पर बात करती हैं. शायद आंटी उस से चुदती होंगी या चुदवाना चाहती होंगी, इस लिए मुझे कुछ कम भाव दे रही थी.

लेकिन इसके बाद से मुझे आंटी को चोदने की और इच्छा होने लगी. अब जब भी मैं उनके घर जाता, उनके बेटे को कह देता था कि मेरे भाई के साथ खेलने जा ताकि हम दोनों को एकांत मिले और मुझे मौक़ा मिले.

वो जब चला जाता तो मैं कपड़ों के ऊपर से ही उनकी गांड पर लंड फेर देता था. वे भी कुछ नहीं कहती थीं. ये सब मुझको बड़ा अच्छा लगता था.

फिर मेरी मम्मी ने सुबह सुबह 10 बजे से 1.30 दोपहर तक के बाहर जाना शुरू किया. इस दौरान आंटी हमारे घर जानबूझ कर आ जाती थीं, कभी फोन करने का बहाना लेकर आती तो कभी यूं ही मुझसे बात करने की कह कर आ जाती थीं.
यह घटना तब की है जब मोबाइल फोन नए नए आये थे और आम आदमी की पहुँच से बाहर थे. लैंड लाइन फोन भी हर घर में नहीं होते थे.

एक बार जब वो आईं, तो मम्मी बाहर गई थीं. उनको मेरे घर के फोन से अपने फोन की कम्प्लेंट करनी थी. मैंने जान बूझ कर दूसरा खराब वाला फोन लगा दिया था.
फिर उन्होंने बोला- मुझ से नहीं लग रहा, तुम मिला के दो.
फोन मिलाने के बहाने से मैं उनसे चिपट गया.
उन्होंने बोला कि ये इधर अच्छा नहीं लग रहा है, तेरी मम्मी आ सकती हैं.. तू मेरे घर आ जा.
मैंने बोला- कुछ नहीं होगा आंटी थोड़ा करते हैं न!

मगर फिर वो मुझे अपने घर आने की कह कर मेरे घर से चली गईं.

  1. कुछ देर बाद मैं उनके घर गया तो उसके घर पर कोई नहीं था
  2. और वो चादर सही कर रही थीं. इस वक्त आंटी डॉगी स्टाइल में थीं,
  3. मैं पीछे से उनकी गांड से लग गया.
  4. उन्होंने बोला- जल्दी कर ले, कोई मेहमान आने वाला है.
  5. तो मैंने बोला कि बस आज मुझे एक बूंद टपका लेने दो.

फिर उन्होंने कुछ नहीं कहा.

कपड़ों को ऊपर से करके ही मैं उनके साथ

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सेक्स कर रहा था. कुछ देर चुत चोदने के कल्पना में मेरी बूंदें टपक गई.

उन्होंने बोला- हो गया तेरा काम? अब खुश हो गया?
मैं कुछ नहीं बोला और चला आया.

फिर वो एक बार फोन करने आईं. मैंने उनको गर्म करते हुए बोला कि आप कैजुअल पजामा में अच्छी लगती हो.
वो ब्लैक कलर का पजामा पहन कर आई थीं. उन्होंने मुझे आँख मार कर कुछ करने का इशारा करते हुए फोन उठा लिया.

मैंने आंटी के पजामा के अन्दर हाथ डाल कर उनकी गांड पर हाथ लगाया और चूतड़ों को सहलाने लगा. आंटी ने अपने पैर और खोल दिए तो मैंने आंटी की चूत में उंगली फेर दी.

शायद वो अपने ब्वॉयफ्रेंड से बात कर रही थीं. उन्होंने चुत में उंगली पाकर भी कुछ नहीं बोला. लेकिन मेरी हरकतों से उन्हें कुछ होने लगा.

जब मैंने उंगली चूत के अन्दर घुसेड़ी और उंगली से आंटी की चुत को चोदा तो चुत ने पानी छोड़ दिया. फिर मैंने उंगली बाहर निकाल कर उनके सामने ही चाट लिया.
वो बोलीं- तुमने अपनी उंगली क्यों चाट ली?
मैंने बोला- कोई बात नहीं, आई लव यू आंटी.

वो मुस्कुरा दीं तो मैं उनको चूमने लगा. आंटी ने मुझे अपनी बांहों में ले लिया. कुछ देर बाद मैंने उनके कपड़े उतारे और ब्रा का हुक खोल दिया. मैंने उनको गोद में लेकर बेड पर पटक दिया मगर मेरी किस्मत ने साथ नहीं दिया, उनका छोटा बेटा आ गया, वो बाहर से दरवाजे खड़का रहा था. हम दोनों ने कपड़े पहन लिए, उन्होंने मुझसे सॉरी बोला.
मैंने उनके होंठ चूम लिए.

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  • फिर कुछ दिन बाद मेरे पेरेंट्स को 5 दिन के लिए
  • आउट ऑफ़ स्टेशन जा पड़ा. मैं उनके साथ नहीं गया था.
  • तो मॉम मेरी देखभाल के लिए आंटी को बोल गई थीं कि ख्याल रखना.
  • मैं उनके घर नहीं जा सकता था क्योंकि उनकी विवाहिता ननद आई हुई थीं.
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पता नहीं आंटी को क्या हुआ… आंटी ने एक रात को खुद से फोन करके कहा कि मैं उनके घर आ जाऊं. मैं घर गया तो उन्होंने ब्लैक कलर का गाउन पहना था. आंटी ने मुझे अपने कमरे में आने को कहा, मैं चला गया.
आंटी कमरे में आईं, मैंने दरवाजा बंद किया. बस हम दोनों लग गए. मैंने उनके कपड़े उतारे और हम दोनों नंगे हो गए थे.

मैंने पहले उनके मम्मों को चूसा, फिर उनको लंड चुसवाया. पूरे रूम में लंड के रस की महक फ़ैल गई. उनकी चूत में से टप टप करके रस निकल रहा था. मैंने उनकी चुत में अपना मुँह लगा दिया और चुत रस को चाटने लगा.

मैंने फिर चुत में लंड घुसाया, वो चीख पड़ीं और मुझ को कस के पकड़ लिया.
आंटी बोलीं- आज तुम सब कर दो..

मैंने आंटी की चुत में पूरा लंड घुसाना शुरू किया. चुत गीली हो गई थी और फच्च फच्च की आवाज आ रही थी. हम चुदाई करते हुए एक दूसरे को किस करने में लगे हुए थे.

आंटी की चुत चुदाई के बाद फिर मैंने जब गांड चोदने के लिए उनको घुमाया तो पता चला कि उसकी ननद खिड़की से हम दोनों को देख रही है और अपने मम्मों को दबा रही है.
एक बार तो मैं डर गया लेकिन फिर जब देखा कि खुद चुदासी हो रही है तो मैंने उसको भी अन्दर बुला लिया. वो अंदर आ गई, आंटी उसे देख कर हड़बड़ा गई. लेकिन जब देखा कि उनकी ननद भी चुदने को आतुर हो रही है तो आंटी ने पहले तो अपनी गांड को बुरी तरह से चुदवाया फिर हमने मिल कर आंटी की ननद की चुत का भी चोदन कर दिया.

मैंने आंटी की ननद की चुत चाटी, वो चिल्ला रही थी, फिर खूब जम के सेक्स किया और माल उसकी चुत में ही छोड़ दिया. आंटी को लगा कि वो कहीं प्रेग्नेंट ना हो जाए. उन्होंने ननद को सलाह दी कि तू अपने पति के साथ बिना कंडोम के सेक्स कर लेना ताकि उसको कोई शक न हो.

फिर अगली बार जब आंटी की ननद का बच्चा हुआ और वो अपने बच्चे को लेकर आंटी के घर आई तो मैंने उसका दूध पिया और उसे खूब चोदा.
ये सब दो साल से अब तक चल रहा है. इसके बाद आंटी ने अपनी बहन को भी मुझसे चुदवाया. उनके यहाँ एक नौकरानी आती थी, उसके साथ भी सेक्स करवाया और इसी तरह हम सेक्स करते रहे.

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